शराबी ऑंखे
आप नही जानते अपने
नशीली आँखों का जादू
नशा चढता है हमे
जब आपके आँखों का
नूर हमपर बरसता है
कभी ना नफरतसे अंगारे बरसो
दिल से दूर ना निकालो
जल जाएगे घुट घुटकर
सजा मौत से भी बढकर
शराबी ऑखे फिर गयी मुझसे
दिल्लगी ही चाहता हुॅ
शरारत नही है यह
ऑखे तरसती रहेगी मेरी
आपके ऑखे देखने को
इंतजार मत करवाना ऑखो को
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