आज आप कुछ अलग थी
आज आप कुछ अलग थी,
लेकिन मेरे सबसे करीब थी !
आजका दिन आप अलग थी,
लेकिन मेरे बहोत करीब थी !
थोडी शर्माई थी,
थोडी घबराई हुई थी!
हमारेही बारेंमें सोच रही थी,
बैचेनीमे तनहाईमै,
बार बार आॅखे छुपा रही थी!
आजका दिन आप अलग थी,
लेकिन मेरे बहोत करीब थी !
सोच कुछ रही थी,
कर कुछ रही थी!
सुनने के लिये मुझे,
बेकरार भी बहोत थी !
लेकिन मुझे टालनेकी भी,
कोशिश कर रही थी !
आजका दिन आप अलग थी,
लेकिन मेरे बहोत करीब थी !
देख कुछ रही थी,
सोच कुछ रही थी !
नाते को हमारे,
बार बार याद कर रही थी !
यादोमें मेरी बेकरार थी,
बस मेरा ही नाम ले रही थी !
आजका दिन आप अलग थी,
लेकिन मेरे बहोत करीब थी !
आपका अलगपन,
आपका अपनापन,
आपके लिये बेकरारी,
यही है जिंदगी हमारी !
आप भी जानते है,
दुनिया हो आप हमारी !
लेकिन......
आजका दिन आप अलग थी,
लेकिन मेरे बहोत करीब थी !
सती
बहुत बढीया लिखते हो .
उत्तर द्याहटवाही टिप्पणी लेखकाना हलविली आहे.
उत्तर द्याहटवाThanks
हटवाआपकी यह रचना मुझे आज के ही दिन बहुत अलग तथा सुंदर लगी, हृदय से अभिनंदन
उत्तर द्याहटवाबहुत खूब!💞 मनमोहक विचारों से हम प्रभावित हुए!!!😊🙏
उत्तर द्याहटवाखूप छान 👍
उत्तर द्याहटवाखूप छान.. Kamlichi
उत्तर द्याहटवाखूप खूप सुंदर... विचारांचा सागर!
उत्तर द्याहटवाअप्रतिम लेखन!!!🩷🫡
Awesome lyrics❤️👌
उत्तर द्याहटवाKhup छान
उत्तर द्याहटवा